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नई दिल्ली: भाजपा पार्टी द्वारा अपनी सहयोगी जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) से नाता तोड़ने के एक दिन बाद नए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी नई भाजपा सरकार को बहुमत साबित करने के लिए बुधवार को हरियाणा विधानसभा का विशेष सत्र बुला रहे हैं.

मनोहर लाल खट्टर के आश्चर्यजनक इस्तीफे के बाद मंगलवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले सैनी ने राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय को 48 विधायकों के समर्थन का पत्र भेजा. आगामी लोकसभा चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे को लेकर भाजपा और दुष्‍यंत चौटाला की पार्टी जेजेपी के बीच मतभेद के बीच यह घटनाक्रम सामने आया है.

हरियाणा राजनीतिक घटनाक्रम

दुष्‍यंत चौटाला की अध्‍यक्षता वाली जेजेपी ने 10 विधायकों को व्हिप जारी किया था और उनसे फ्लोर टेस्‍ट में वोटिंग से दूर रहने को कहा था. इसके बावजूद, जेजेपी के चार विधायक जोगी राम सिहाग, ईश्वर सिंह, रामकुमार गौतम और देवेंद्र बबली अलग हो गए और राज्य विधानसभा में पहुंच गए. बाद में 90 सदस्यीय राज्य विधानसभा में, भाजपा के 41 सदस्य हैं, और उसे सात में से छह निर्दलीय विधायकों के साथ-साथ हरियाणा लोकहित पार्टी के एकमात्र विधायक गोपाल कांडा का भी समर्थन प्राप्त है. सदन में जेजेपी के 10 विधायक हैं. मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के पास 30 विधायक हैं जबकि इंडियन नेशनल लोकदल के पास एक विधायक है.

विधानसभा के विशेष सत्र से पहले बीजेपी ने सुबह 10 बजे विधायक दल की बैठक की. इस महत्वपूर्ण बैठक में खट्टर और अन्य भाजपा विधायक शामिल हुए थे. जेजेपी के चार विधायक और एक निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू सदन से चले गए.

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