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अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में आएगी क्रांति, 32.45 लाख करोड़ का वित्तपोषण करेगी बैंकिंग प्रणाली

September 17, 2024 Durgesh Yadav 1 min read
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ऊर्जा मंत्री ने किया निवेश का आह्वान

भारत के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने गांधीनगर में आयोजित चौथे ‘री-इन्वेस्ट 2024’ कार्यक्रम में निवेशकों को देश के तेजी से बढ़ते अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि भारत का अक्षय ऊर्जा क्षेत्र वैश्विक मंच पर तेजी से उभर रहा है और इसमें निवेशकों के लिए अपार संभावनाएं हैं. उन्होंने यह भी बताया कि बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने हरित परियोजनाओं के लिए 32.45 लाख करोड़ रुपये के वित्तपोषण की प्रतिबद्धता जताई है.

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अक्षय ऊर्जा उत्पादन में जबरदस्त बढ़ोतरी

प्रह्लाद जोशी ने कार्यक्रम में कहा कि भारत की अक्षय ऊर्जा क्षमता में पिछले एक दशक में 175% की वृद्धि हुई है. जहां मार्च 2014 में यह क्षमता 75.52 गीगावाट थी, वहीं अब यह 207.7 गीगावाट से अधिक हो गई है. इसके साथ ही, अक्षय ऊर्जा उत्पादन में भी 86% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो 2014 में 193.50 अरब यूनिट से बढ़कर अब 360 अरब यूनिट पर पहुंच गया है. इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि भारत अपने अक्षय ऊर्जा लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है.

2030 तक 500 गीगावाट का लक्ष्य

भारत ने 2030 तक 500 गीगावाट अक्षय ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है. इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए केंद्रीय और राज्य सरकारों के साथ-साथ डेवलपर्स, निर्माताओं और वित्तीय संस्थानों की ओर से बड़ी प्रतिबद्धताएं प्राप्त हुई हैं. डेवलपर्स ने 570 गीगावाट की अतिरिक्त क्षमता जोड़ने का वादा किया है, जबकि मैन्युफैक्चरर्स ने सौर मॉड्यूल, सौर सेल, पवन टरबाइन और इलेक्ट्रोलाइजर निर्माण में भारी क्षमता बढ़ाने का संकल्प लिया है.

अदाणी समूह का बड़ा निवेश

अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में भारत के सबसे बड़े निवेशकों में से एक अदाणी समूह ने भी इस दिशा में बड़े कदम उठाए हैं. अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) और अदाणी न्यू इंडस्ट्रीज लिमिटेड (एएनआईएल) ने 2030 तक सौर, पवन और ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं में 4.05 लाख करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बनाई है. अदाणी समूह का लक्ष्य 2030 तक 50 गीगावाट क्षमता स्थापित करने का है. इन निवेशों से 71,100 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है.

टोरेंट पावर का 64 हजार करोड़ का निवेश

टोरेंट पावर ने भी अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं में 64 हजार करोड़ रुपये निवेश करने की घोषणा की है. इस निवेश से 26 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है. टोरेंट पावर ने गुजरात के द्वारका में 5 गीगावाट सौर, पवन या सौर-पवन हाइब्रिड परियोजना के लिए गुजरात सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं.

भारत का बढ़ता प्रभाव

मंत्री प्रह्लाद जोशी ने निवेशकों को आश्वासन दिया कि भारत का वैश्विक मंच पर बढ़ता प्रभाव और रणनीतिक साझेदारी निवेशकों के लिए लाभकारी साबित होगी. उन्होंने सभी हितधारकों को इस तेजी से उभरते क्षेत्र में भाग लेने और भारत की अक्षय ऊर्जा क्षमताओं का लाभ उठाने का आह्वान किया.

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भविष्य की संभावनाएं

भारत की तेजी से बढ़ती अक्षय ऊर्जा क्षमता न केवल पर्यावरण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि यह देश के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है. इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश और परियोजनाओं के विस्तार से भविष्य में भारत को ऊर्जा सुरक्षा और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे.

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