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UPSC IAS Pragati Rani: हाल ही में हरियाणा की एक महिला प्रगति रानी ने अपना आईएएस बनने का सपना साकार किया है. इसके साथ ही में लोगों के सामने एक मिसाल बनकर के वे सामने आई है, कि जिंदगी में कितनी ही परेशानियां या जिम्मेदारी क्यों ना हो अगर आपके पास उनसे लड़ने का और अपने सपने को साकार करने का जज्बा मौजुद है तो आप जिंदगी में कभी नही हार सकते है. कुछ ऐसा ही सफर था, प्रगति रानी का भी. जिन्होनें अपने सपने को पीछे ना छोड़कर के अपनी सारी जिम्मेदारियों को निभाते हुए अपना सपना साकार किया. आपको बतादें, कि ना केवन तीन सबसे टफ एग्जाम को इस बार पास किया बल्कि अपना आईएएस बनने का सपना भी अब सच कर दिखाया है. आइए जानते है प्रगति रानी के बारें में

गोद में लिए 6 महीने का बच्चा की आईएएस बनने की तैयारी

आपको बतादें, कि प्रगति रानी जिनका एक बच्चा मात्र 6 महीने का था, जब उन्होनें अपनी UPSC यूपीएससी की तैयारियों को शुरू किया था. आपको बतादें, कि प्रगति रानी एक डाॅक्टर है. वहीं उनके पति अतुल वर्मा भी एक डाॅक्टर है, जो कि उनकी तैयारी के दौरान घर से बाहर थे. उन्होनें अपने 6 महीने के बच्चे को संभालते हुए अपनी तैयारी को पूरा किया. एक रिपोर्ट में प्रगति रानी बताती है, कि कई बार उन्हें ये ख्याल आया कि वे इस एग्जाम को छोड़ दे और अपने सपने को छोड़ छें. परंतु वे अपने सपने पी अडिग रही. ऐसे में कई बार वे अपना बच्चा अपनी सांस के पास छोड़ देती थी. जिसके बाद से वे पढ़ाई करती रहती थी. उन्हेानें बताया है, कि वे दो बार यूपीएससी की परीक्षा में बैठी थी. जिसमें कि पहली बार में वे Cutoff में अपना स्थान नही बना पाई. ऐसे में उन्होनें फिर से एक बार तैयारी करते हुए दोबारा पेपर दिया जिसमें कि उन्होनें 355रैंक हासिल कर आईएएस पद के लिए अपनी जगह बना ली.

प्रगति रानी बताती है, कि साल 2022 से 2023 में उन्होनें जब यूपीएससी की परीक्षा को पास किया था, तो उन्होनें 740वीं रैंक को हासिल किया. जिसके बाद से उनके पास ये मौका था, कि वे भारत के दिल्ली, अंडमान निकोबार, दादर और नागर हवेली समेत कई और जगह पर नौकरी हासिल कर सकती थी. जिसके बाद से उन्होनें HPSC हरियाणा सिविज सर्विसेज में शामिल होना ज्यादा पंसद किया. परंतु इसके बाद भी उन्होनें अपनी यूपीएससी की तैयारियों को जारी रखा. जिसमें कि अब उनका बेटा भी बड़ा हो चुका था. वे बताती है, कि बेटे के कुछ हद तक बड़े होने के बाद से मुश्किलें थोड़ी और ज्यादा बढ़ गई थी. जिसमें कि उनका बेटा बार बार आकर के उन्हे खेलने के लिए कहता था. वहीं अब उन्होनें 355वी रैंक को हासिल कर लिया. जिसके बाद से वे अब आईएएस बनने की तैयारी में है. अपने शब्दों में उन्होनें ये भी कहा है, कि इस एग्जाम के दौरान अपनी सेहत का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है जितना कि एग्जाम.

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