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अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने की ब्याज दरों में कटौती, जानें भारतीय शेयर बाजार पर असर

September 19, 2024 • Durgesh Yadav• 1 min read
RBI

ब्याज दरों में कटौती का ऐलान

अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) ने 18 सितंबर 2024 को ब्याज दरों में 0.50% की कटौती का ऐलान किया. इस फैसले के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली. ब्याज दर में कटौती से वैश्विक बाजारों पर असर पड़ना तय है, और इसका प्रभाव भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिल सकता है. इसके साथ ही गोल्ड की कीमतों में भी उछाल की उम्मीद जताई जा रही है.

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अमेरिकी बाजार में उछाल

फेडरल रिजर्व के इस निर्णय के बाद अमेरिकी शेयर मार्केट में सकारात्मक प्रतिक्रिया आई. विशेषज्ञों का मानना है कि ब्याज दर में कटौती के बाद गोल्ड और स्टॉक मार्केट दोनों में बढ़त देखी जा सकती है. पहले से ही विश्लेषकों ने यह संभावना जताई थी कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती करेगा, और अब इस कदम से निवेशकों को बड़ी राहत मिली है.

भारतीय बाजार पर प्रभाव

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के इस फैसले का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ेगा. मार्केट विशेषज्ञों का मानना है कि आईटी और फार्मा सेक्टर के शेयरों में इसका बड़ा असर दिखाई देगा. यदि फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपया मजबूत होता है, तो इन सेक्टरों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि ये सेक्टर ज्यादातर एक्सपोर्ट पर निर्भर करते हैं.

आईटी और फार्मा सेक्टर पर नजर

विशेषज्ञों के अनुसार, फेडरल रिजर्व के फैसले से आईटी और फार्मा सेक्टर के शेयर दबाव में आ सकते हैं. अमेरिकी बाजार में ब्याज दर में कटौती से इन कंपनियों पर नेगेटिव असर पड़ सकता है, क्योंकि फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में डॉलर की मजबूती की वजह से भारतीय आईटी और फार्मा कंपनियों को कम मुनाफा हो सकता है.

बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर में बढ़त की उम्मीद

ब्याज दर में कटौती का सीधा फायदा बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर को मिलेगा. बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में तेजी आने की संभावना है. ब्याज दर घटने से बांड्स (Bonds) की यील्ड बढ़ेगी, जिससे बैंकों को कैपिटल गेन मिलेगा और उनके मुनाफे में बढ़ोतरी होगी. इसके साथ ही, उन कंपनियों को भी फायदा होगा जिनके ऊपर बड़ा कर्ज है, क्योंकि ब्याज दर में कटौती से उनकी कर्ज की लागत कम हो जाएगी.

रियल एस्टेट सेक्टर पर असर

फेडरल रिजर्व के इस फैसले से रियल एस्टेट सेक्टर को भी फायदा हो सकता है. ब्याज दरों में कटौती से होम लोन सस्ते हो जाएंगे, जिससे रियल्टी सेक्टर में डिमांड बढ़ने की उम्मीद है. निवेशक इस समय रियल एस्टेट कंपनियों के शेयरों पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि होम लोन की ब्याज दरें कम होने से प्रॉपर्टी खरीदने की मांग में तेजी आ सकती है.

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RBI का संभावित कदम

फेडरल रिजर्व के इस फैसले के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भी ब्याज दरों पर कोई अहम फैसला ले सकता है. अक्टूबर 2024 में होने वाली द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक (RBI MPC Meet) में रेपो रेट पर विचार किया जा सकता है. फरवरी 2023 के बाद से आरबीआई ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन अब फेडरल रिजर्व के फैसले के बाद रेपो रेट में कटौती की उम्मीद बढ़ गई है.

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