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भारत की वैश्विक प्रतिबद्धता: ईएएम, जयशंकर और UNGA अध्यक्ष की मुलाकात

September 27, 2024 Yashaswi Tripathi 1 min read
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भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के अध्यक्ष डेनिस फ्रैंसिस के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की.

Future Summit का महत्व

जयशंकर ने “फ्यूचर समिट” के महत्व को रेखांकित किया, जो एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहाँ वैश्विक चुनौतियों का समाधान खोजने का प्रयास किया जाएगा. यह समिट विभिन्न देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, खासकर तब जब विश्व कई संकटों का सामना कर रहा है. भारत की यह प्रतिबद्धता दर्शाती है कि वह न केवल अपने देश के लिए, बल्कि वैश्विक समुदाय के लिए भी चिंतित है.

भारत की भूमिका

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बैठक के दौरान जयशंकर ने बताया कि भारत, यूएन में अपने सदस्यों के साथ मिलकर विभिन्न मुद्दों पर काम करने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि भारत की भूमिका वैश्विक मुद्दों पर विचार करने और समाधान खोजने में महत्वपूर्ण होगी. इस संदर्भ में, जयशंकर ने विकास, जलवायु परिवर्तन, और सुरक्षा जैसे विषयों पर चर्चा की.

मानवता के सामने चुनौतियाँ

ईएएम ने मानवता के सामने मौजूद चुनौतियों का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि आज की दुनिया को कई संकटों का सामना करना पड़ रहा है, जैसे जलवायु परिवर्तन, खाद्य सुरक्षा, और स्वास्थ्य संकट. इन समस्याओं का समाधान केवल अंतरराष्ट्रीय सहयोग से ही संभव है. जयशंकर ने आशा व्यक्त की कि फ्यूचर समिट में सभी सदस्य देश मिलकर इन मुद्दों पर चर्चा करेंगे और समाधान निकालेंगे.

सामूहिक सुरक्षा का सिद्धांत

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जयशंकर ने सामूहिक सुरक्षा के सिद्धांत की बात करते हुए कहा कि यह समय की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि केवल भारत ही नहीं, बल्कि सभी देशों को एक साथ आकर वैश्विक सुरक्षा के मुद्दों पर विचार करना होगा. यह सामूहिक प्रयास ही हमें स्थिरता और शांति की ओर ले जा सकता है.

डिजिटल सहयोग और सतत विकास

बैठक में डिजिटल सहयोग और सतत विकास पर भी चर्चा की गई. जयशंकर ने कहा कि डिजिटल तकनीक का उपयोग करके हम विकासशील देशों को भी आगे बढ़ा सकते हैं. उन्होंने सुझाव दिया कि डिजिटल तकनीक से शिक्षा, स्वास्थ्य, और आर्थिक विकास में सुधार किया जा सकता है.

भारत का कूटनीतिक दृष्टिकोण

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जयशंकर ने भारत के कूटनीतिक दृष्टिकोण को भी साझा किया. उन्होंने बताया कि भारत का लक्ष्य है कि वह एक जिम्मेदार वैश्विक नागरिक के रूप में उभरे. भारत विभिन्न वैश्विक मंचों पर सक्रिय भूमिका निभा रहा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह वैश्विक मुद्दों पर गंभीरता से विचार कर रहा है.

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