Breaking
Latest: Adani Power’s Bold Move into Nuclear EnergyAutomotive Sales Cool Off in April 2026, Marking a Return to NormalIndia’s Economy in April 2026: Holding Steady in Uncertain TimesLatest: Adani Power’s Bold Move into Nuclear EnergyAutomotive Sales Cool Off in April 2026, Marking a Return to NormalIndia’s Economy in April 2026: Holding Steady in Uncertain Times
Sat, May 02, 2026 | New Delhi
Business

प्याज की कीमतें: सरकार ने सस्ते प्याज की बिक्री शुरू की

September 6, 2024 Durgesh Yadav 1 min read
Onion Price

आम जनता को महंगाई से राहत देने के लिए सरकार ने दिल्ली एनसीआर और मुंबई में 35 रुपये प्रति किलो की दर से सस्ते प्याज की बिक्री शुरू कर दी है. इस कदम से उम्मीद की जा रही है कि प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगेगा और आम उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी.

on1

सस्ते प्याज की बिक्री का विस्तार

सरकार ने घोषणा की है कि दिल्ली और मुंबई में सस्ते प्याज की बिक्री शुरू की गई है, और अगले एक सप्ताह के भीतर कोलकाता, गुवाहाटी, हैदराबाद, अहमदाबाद, रायपुर, भुवनेश्वर, चेन्नई और बेंगलुरु में भी यह बिक्री शुरू की जाएगी. इस पहल के तहत, प्याज की कीमत 35 रुपये प्रति किलो रखी गई है, जो कि मौजूदा बाजार दरों की तुलना में काफी कम है.

सरकार का बफर स्टॉक वर्तमान में 4.70 लाख टन है, जिसे देखते हुए यह कदम उठाया गया है. इसका उद्देश्य जमाखोरी और कृत्रिम मूल्यवृद्धि को रोकना है.

सस्ता प्याज कहां मिलेगा?

उपभोक्ता खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी ने प्याज बेचने वाली वैन को हरी झंडी दिखाई. सस्ते प्याज को नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NCCF), नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NAFED) के आउटलेट, मोबाइल वैन, ई-कॉमर्स प्लेटफार्म और केंद्रीय भंडार के आउटलेट्स से खरीदा जा सकता है.

जमाखोरी के खिलाफ सरकार की तैयारी

सरकार ने प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए जमाखोरों के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में काम शुरू कर दिया है. सितंबर के तीसरे सप्ताह तक पूरे देश में सस्ते प्याज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकारी एजेंसियां अन्य सहकारी समितियों और बड़ी खुदरा चेन के साथ करार कर रही हैं.

भंडारण और खरीफ बुआई की स्थिति

सरकार का मानना है कि किसानों और व्यापारियों के पास अभी भी 38 लाख टन प्याज का भंडारण मौजूद है. इसके अलावा, खरीफ बुआई क्षेत्र में भी वृद्धि देखी जा रही है. अगस्त तक, खरीफ प्याज की बुआई 2.90 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 102 प्रतिशत अधिक है.

प्याज की खरीदारी और किसानों को लाभ

इस रबी सीजन में प्याज की खरीदारी में भी सुधार देखा गया है. किसानों को इस बार प्याज की बेहतर दरें मिली हैं. पिछले वर्ष प्याज की दरें 693 से 1,205 रुपये प्रति क्विंटल के बीच थीं, जबकि इस वर्ष यह दरें 1,230 से 2,578 रुपये प्रति क्विंटल के बीच पहुंच गई हैं.

on2

सरकार की प्राथमिकता

प्रल्हाद जोशी ने कहा कि खाद्य पदार्थों की कीमतों को नियंत्रण में रखना सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने बताया कि वर्तमान में 4.7 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक उपलब्ध है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले काफी अधिक है. उन्होंने यह भी कहा कि प्याज की खरीदारी के लिए भुगतान किसानों के खातों में किया गया था, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति में सुधार हुआ है.

सरकार की यह पहल प्याज की बढ़ती कीमतों पर काबू पाने और उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

Home
Google_News_icon
Google News
Loan
Facebook
Join