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इंडिगो के ब्लॉक डील का असर: शेयरों में 2 फीसदी की गिरावट

August 29, 2024 Durgesh Yadav 1 min read
Share Market

आज इंडिगो (IndiGo) के शेयरों पर राकेश गंगवाल (Rakesh Gangwal) द्वारा अपनी हिस्सेदारी बेचने की खबर का असर देखने को मिला. एयरलाइन के को-फाउंडर और प्रमोटर राकेश गंगवाल अपनी हिस्सेदारी ब्लॉक डील के माध्यम से बेच रहे हैं, जिसका असर आज शुरुआती कारोबार में शेयरों पर पड़ा है. आइए इस ब्लॉक डील और इसके प्रभाव की विस्तार से जानकारी प्राप्त करें.

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ब्लॉक डील का विवरण

राकेश गंगवाल ने इंडिगो की लगभग 19.38 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है. यह हिस्सेदारी लगभग 85 करोड़ डॉलर (7000 करोड़ रुपये) के मूल्य की हो सकती है. ब्लॉक डील के लिए फ्लोर प्राइस 4,593 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। इस ब्लॉक डील की संभावना की घोषणा के बाद, इंडिगो के शेयरों में बिकवाली का दबाव बढ़ गया है.

शेयरों में गिरावट

ब्लॉक डील की सूचना के बाद, आज सुबह शुरुआती कारोबार में इंडिगो के शेयर 2 प्रतिशत गिरकर 4,750.95 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहे हैं. यह गिरावट इस खबर के साथ आई है कि गंगवाल ने इंटरग्लोब एविएशन के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स से फरवरी 2022 में इस्तीफा देने के बाद अपनी हिस्सेदारी को धीरे-धीरे कम करने का निर्णय लिया था. गुरुवार के शुरुआती सत्र में, शेयरों में गिरावट के चलते इंडिगो के स्टॉक्स 3 प्रतिशत तक नीचे आ गए और 4,714.90 रुपये के इंट्राडे लो पर पहुंच गए.

राकेश गंगवाल की हिस्सेदारी बिक्री

मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, राकेश गंगवाल ने 11,000 करोड़ रुपये की ब्लॉक डील के तहत लगभग 2.3 करोड़ शेयर बेचे हैं. हालांकि, इस लेन-देन में शामिल पक्षों की पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है. CNBC-TV18 के अनुसार, गंगवाल 10,300 करोड़ रुपये की इक्विटी बेचने की योजना बना रहे हैं, जो लगभग 5.8 प्रतिशत की डिस्काउंटेड हिस्सेदारी है. यह गंगवाल के व्यक्तिगत हिस्सेदारी के लगभग बराबर है। गंगवाल की यह हिस्सेदारी बिक्री इंडिगो में अपनी हिस्सेदारी को धीरे-धीरे कम करने की उनकी रणनीति के तहत की जा रही है.

इंडिगो के वित्तीय प्रदर्शन पर प्रभाव

जून तिमाही के परिणामों के अनुसार, इंडिगो ने 2,736 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 11.5 प्रतिशत कम था. हालांकि, 2024 में अब तक इंडिगो के शेयर ने 63 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न दिया है, जो कंपनी की मजबूत प्रदर्शन को दर्शाता है.

भविष्य की रणनीति

राकेश गंगवाल की हिस्सेदारी बिक्री की योजना इंडिगो के भविष्य की रणनीतियों को भी प्रभावित कर सकती है. गंगवाल ने फरवरी 2022 में इंटरग्लोब एविएशन के निदेशक मंडल से इस्तीफा दिया और घोषणा की कि वह अगले पांच वर्षों में अपनी हिस्सेदारी को कम करेंगे. इस दौरान, गंगवाल समर्थित प्रमोटर समूह की हिस्सेदारी 2019 में 36.7 प्रतिशत से घटकर जून 2024 तक 19.38 प्रतिशत हो गई है. इसमें चिंकारापु फैमिली ट्रस्ट की 13.49 प्रतिशत हिस्सेदारी भी शामिल है, और गंगवाल की व्यक्तिगत हिस्सेदारी 5.89 प्रतिशत है.

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निष्कर्ष

राकेश गंगवाल द्वारा की गई ब्लॉक डील का असर इंडिगो के शेयरों पर देखा जा रहा है, जिसमें गिरावट का रुझान है. गंगवाल की हिस्सेदारी बिक्री कंपनी की शेयर की कीमतों पर दबाव डाल रही है, जबकि कंपनी के भविष्य की रणनीति और प्रदर्शन पर भी इसका असर पड़ सकता है.

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