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अडानी ग्रुप के शेयर में आई तेज़ी। जानें है कौन है राजीव जैन जिन्होंने ख़रीदे अडानी के शेयर।

March 5, 2023 Rupali Parihar 1 min read
adani

हिंडेनबर्ग की रिपोर्ट आने के बाद से ही गौतम अडानी का साम्राज्य हिलता हुआ नज़र आ रहा था पर पिछले तीन दिनों से उनके शेयर ने उछाल मारी है। ये खबर गौतम अडानी के साथ साथ उसके निवेशकों के लिए भी राहत की साँस है। बुधवार को अचानक खबर आई कि अडानी ग्रुप के प्रमोटर्स से चार कंपनियों में 21 करोड़ शेयर 15,556 करोड़ रुपये में बेच दिए। इस खबर ने अडानी ग्रुप के लिए संजीवनी का काम किया। सुप्रीम कोर्ट के प्रतिकूल के फैसले बावजूद गुरुवार को अडानी ग्रुप के सभी शेयर तेजी के साथ बंद हुए।

चार कंपनियों के 21 करोड़ के शेयर बिके।

अडानी ग्रुप के प्रमोटर एसबी अडानी फैमिली ट्रस्ट ने गुरुवार को ओपन मार्केट के जरिए चार कंपनियों के 21 करोड़ शेयर 15,556 करोड़ रुपये में बेच दिए। यह ट्रस्ट प्रमोटर ग्रुप का हिस्सा है। ब्लॉक डील डेटा के मुताबिक ट्रस्ट ने अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकनॉमिक जोन , अडानी ग्रीन एनर्जी और अडानी ट्रांसमिशन में हिस्सेदारी बेची है। अमेरिका की कंपनी जीक्यूजी पार्टनर्स ने सेकेंडरी ब्लॉक ट्रेड टांजैक्शंस के जरिए यह हिस्सेदारी खरीदी।

कौन हैं राजीव जैन जिन्होंने अडानी समूह में दिखाया भरोसा।

जीक्यूजी पार्टनर्स दुनिया की प्रमुख ग्लोबल एंड एमर्जिंग मार्केट्स इनवेस्टर्स फर्म है। 31 जनवरी, 2023 के आंकड़ों के मुताबिक यह कंपनी 92 अरब डॉलर से ज्यादा क्लाएंट एसेट्स मैनेज करती है। राजीव जैन जीक्यूजी पार्टनर्स के चेयरमैन और चीफ इंवेस्टमेंट ऑफिसर हैं और वे जीक्यूजी की निवेश की रणनीति बनाते हैं. इससे पहले वे वॉनटोबेल एसेट मैनेजमेंट के चीफ इंवेस्टमेंट ऑफिसर और हेड ऑफ इक्विटीज रह चुके हैं. पोर्टफोलियो मैनेजर के तौर पर उन्होंने 1994 में शुरुआत की थी. केवल सात वर्षों में राजीव जैन ने जीक्यूजी को 92 बिलियन डॉलर का इंवेस्टमेंट पावरहाउस बना चुके हैं।

क्या है निवेश की रणनिति

राजीव जैन ने एक इंटरव्यू में बताया था की हम निवेश के परंपरागत तरीके पर नहीं चलते हैं। हम ऐसी कंपनियों में निवेश करते हैं जो अगले पांच साल में आपको मालामाल कर दे। उन्हें एनर्जी सेक्टर से काफी उम्मीदें हैं क्योंकि दुनिया फॉसिल फ्यूल से नेट जीरो इकॉनमी की तरफ बढ़ रही है। अडानी ग्रुप रिन्यूएबल एनर्जी और ग्रीन हाइड्रोजन पर बड़ा दांव खेल रहा है। ग्रुप ने इस सेक्टर में 75 अरब डॉलर के निवेश की योजना बनाई है। इसे देखते हुए अडानी ग्रुप में GQG की मेगा ब्लॉक डील की सही दांव कहा जा सकता है। दो दिन में ही GQG ने अडानी ग्रुप के शेयरों में जबरदस्त कमाई कर ली है। उ

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