Breaking
Latest: Adani Power’s Bold Move into Nuclear EnergyAutomotive Sales Cool Off in April 2026, Marking a Return to NormalIndia’s Economy in April 2026: Holding Steady in Uncertain TimesLatest: Adani Power’s Bold Move into Nuclear EnergyAutomotive Sales Cool Off in April 2026, Marking a Return to NormalIndia’s Economy in April 2026: Holding Steady in Uncertain Times
Thu, Jun 25, 2026 | New Delhi
Religion/Astrology

25 अप्रैल से शुरू हो रही है केदारनाथ यात्रा।

April 12, 2023 Rupali Parihar 1 min read
kedarnath

12 ज्योतिर्लिंग और उत्तराखंड के चार धाम में से एक केदारनाथ धाम के कपाट 25 अप्रैल 2023 को खुलेंगे। टोकन व्यवस्था का जिम्मा पर्यटन विभाग को सौंपा गया है, जो एक-एक घंटे के स्लॉट में टोकन वितरित करेगा। साथ ही विभाग की ओर से धाम में यात्रियों का ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन भी किया जाएगा।

अनुष्ठान 20 अप्रैल से शुरू होंगे अनुष्ठान।

केदारनाथ धाम के पट 25 अप्रैल 2023 को मेघ लग्न में सुबह 06 बजकर 20 मिनट पर भक्त दर्शन कर पाएंगे. इसी दिन से चारधाम यात्रा अगले 6 महीने तक चलेगी। अनुष्ठान 20 अप्रैल 2023 से शुरू हो जाएंगे. कपाट खोलने से पहले 20 अप्रैल को भैरवनाथ जी की पूजा होगी , 21 अप्रैल 2023 को बाबा केदारनाथ की पंचमुखी डोली ऊखीमठ से केदारनाथ धाम के लिए प्रस्थान करेगी. 24 अप्रैल तक पैदल डोली यात्रा धाम पहुंचेगी और अगले दिन विधि विधान के साथ कपाट खोले जाएंगे।

यात्रियों के लिए टोकन व्यवस्था।

केदारनाथ में भीड़ प्रबंधन के लिए टोकन व्यवस्था की जा रही है। पहले चरण में यहां पांच काउंटर से टोकन दिए जाएंगे। उसके बाद जैसे-जैसे यात्रियों की संख्या होगी, उसी हिसाब से काउंटर की संख्या बढ़ाई जाएगी। टोकन धाम पहुंचने वाले यात्रियों का बायोमैट्रिक पंजीकरण भी किया जाएगा, जिससे यात्रियों की सही संख्या का आंकड़ा मिलने में मदद मिलेगी।

कपाट बंद होने के बाद भी जलता रहता दीपक।

पौराणिक मान्यता है कि केदारनाथ में शिव जी ने पांडवों को बैल के रूप में दर्शन दिए थे. इसलिए यहां बैलरूपी लिंग स्थापित है. केदारनाथ धाम बारह ज्योतिर्लिंगों में से पांचवां और उत्तराखंड के 4 धामों में तीसरा है। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित बाबा केदारनाथ को लेकर आज भी एक रहस्य बना हुआ है. कहते हैं जब केदारनाथ धाम के पट बंद होते हैं तब एक दीपक वहां जलाया जाता है, छह माह मंदिर और उसके आसपास कोई नहीं रहता है लेकिन आश्चर्य की बा‍त कि 6 माह तक दीपक भी जलता रहता है।

Home
Google_News_icon
Google News
Loan
Facebook
Join