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नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में कई महिलाओं के साथ यौन हिंसा और जमीन हड़पने के आरोपी तृणमूल कांग्रेस नेता शेख शाहजहां को 55 दिनों की फरारी के बाद गुरुवार सुबह गिरफ्तार कर लिया गया. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अमीनुल इस्लाम खान ने कहा कि 53 वर्षीय तृणमूल नेता को उत्तर 24 परगना के मिनाखान इलाके से उठाया गया है और आज अदालत में पेश किया जाएगा.

कहां हुई गिरफ्तारी

यह गिरफ्तारी कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा तृणमूल नेता के खिलाफ कार्रवाई में देरी के लिए राज्य पुलिस की खिंचाई करने और यह कहने के तीन दिन बाद हुई है कि उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए. गिरफ्तारी के बाद शेख शाहजहां के आवास के पास सरबेरिया और अकुंजीपारा इलाकों सहित संदेशखाली में धारा 144 लागू कर दी गई है.

संदेशखाली में बड़ी संख्या में महिलाओं ने शाजहान शेख और उनके समर्थकों पर जमीन हड़पने और जबरदस्ती यौन शोषण करने का आरोप लगाया था. शेख और उसके साथियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर नदी क्षेत्र एक महीने से अधिक समय से विरोध प्रदर्शनों की श्रृंखला में उलझा हुआ है.

पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने गिरफ्तारी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ममता बनर्जी सरकार बीजेपी के लगातार आंदोलन के कारण कार्रवाई करने के लिए मजबूर हुई. सरकार इनकार की मुद्रा में थी. वे मान ही नहीं रहे थे कि ऐसा कुछ हुआ है. मैंने पहले ही कहा था कि हम सरकार को शेख शाहजहाँ को गिरफ्तार करने के लिए मजबूर कर देंगे. आज भाजपा और संदेशखाली की महिलाओं के आंदोलन के कारण सरकार और ममता बनर्जी शेख शाहजहां को गिरफ्तार करने के लिए मजबूर हो गयी है.

तृणमूल सांसद का बयान

तृणमूल सांसद शांतनु सेन ने कहा कि स्थगन आदेश के कारण शाहजहाँ की गिरफ्तारी में देरी हुई और गिरफ्तारी से साबित होता है कि हमारी सरकार प्रशासनिक तरीके से ‘राजधर्म’ का पालन करती है. उन्होंने कहा, भाजपा को टीएमसी से ‘राजधर्म’ सीखना चाहिए.

त्रिमूल नेता ने कहा, अभिषेक बनर्जी ने कहा था कि अदालत के स्थगन आदेश के कारण पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने में असमर्थ है. स्थगन आदेश हटने के 3-4 दिनों के भीतर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है.

शाजहान 5 जनवरी से फरार है, जब कथित तौर पर उससे जुड़ी भीड़ ने प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों पर हमला किया था जो एक घोटाले के सिलसिले में उसके परिसर की तलाशी लेने गए थे.

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग को तृणमूल नेता और उनके सहयोगियों के खिलाफ आदिवासी परिवारों से यौन शोषण और भूमि हड़पने की 50 शिकायतें मिली हैं. राज्य सरकार के अधिकारियों ने कहा कि उन्हें लगभग 1,250 शिकायतें मिली हैं, जिनमें 400 भूमि मुद्दों से संबंधित हैं. हाईकोर्ट 4 मार्च को शाहजहां के खिलाफ मामले की सुनवाई करने वाला है.

उच्च न्यायालय ने बुधवार को निर्देश दिया था कि तृणमूल कांग्रेस नेता को सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा भी गिरफ्तार किया जा सकता है. हालांकि, ईडी की ओर से पेश भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने आशंका व्यक्त की कि यदि राज्य पुलिस शेख को गिरफ्तार करती है, तो राज्य पुलिस द्वारा मामले को कमजोर किए जाने की संभावना है.

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