Breaking
Latest: Adani Power’s Bold Move into Nuclear EnergyAutomotive Sales Cool Off in April 2026, Marking a Return to NormalIndia’s Economy in April 2026: Holding Steady in Uncertain TimesLatest: Adani Power’s Bold Move into Nuclear EnergyAutomotive Sales Cool Off in April 2026, Marking a Return to NormalIndia’s Economy in April 2026: Holding Steady in Uncertain Times
Sat, Jul 18, 2026 | New Delhi
India

तबाही ला देगा ये तूफान।हो जाए सावधान

May 8, 2023 Megha Jain 1 min read
0aa33f9f 0e06 42fc 9a09 cb21345b67a6

भारत में इस साल मानसून से पहले या यूं कहें कि साल के पहले तूफान के आने की आहट सुनाई दे रही है. इसे देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और जान-माल के नुकसान को लेकर अलर्ट भी जारी किया है. हालांकि अभी यह कहना मुश्किल है कि इस तूफान का असर किन राज्यों में देखने को मिलेगा. इसको लेकर मौसम विभाग की ओर से भी अब तक कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया गया है. ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि यह तूफान काफी नुकसान पहुंचाने वाला साबित हो सकता है. इस तूफान का नाम स्थानीय भाषा में मोका है, हालांकि इसे ज्यादातर लोग मोचा कह रहे हैं. 

आईएमडी के मुताबिक 6 मई को दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवात बन सकता है. वहीं 7 मई को यहां हवा के कम दबाव का क्षेत्र बनेगा. इसके बाद 8 मई को यह मध्य बंगाल की खाड़ी की ओर उत्तर की ओर बढ़ते हुए चक्रवाती तूफान में बदल सकता है जो बंगाल सहित कई राज्यों में तबाही ला सकता है. जान लीजिए इस तूफान से देश के किन राज्यों को है सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है.

मोका तूफान को लेकर IMD ने जारी किया अलर्ट।

आईएमडी अलर्ट के अनुसार, 6 मई को दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवात विकसित हो सकता है. 7 मई को यहां कम दबाव का क्षेत्र बनेगा. 8 मई को इसके उत्तर की ओर मध्य बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ने और चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है. चक्रवाती तूफान के मार्ग और उसकी तीव्रता के बारे में अब तक कई खास जानकारी नहीं मिली है. उम्मीद लगाई जा रही है कि अधिक जानकारी 7 मई को पता चलेगी.
ओडिशा में हाई अलर्ट।

हाल ही में एक बैठक में ओडिसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी राज्य की तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया. सरकार ने पहले ही जानमाल के नुकसान को रोकने के लिए अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में निकासी शुरू कर दी है. भारत के पूर्वी तट पर चक्रवात मोका का संभावित प्रभाव महत्वपूर्ण है और लोगों को घर के अंदर रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है. जहां ओडिशा चक्रवात मोका की तैयारी के लिए व्यापक उपाय कर रहा है, वहीं पड़ोसी राज्य भी हाई अलर्ट पर हैं. आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु ने अपने-अपने जिला अधिकारियों को सलाह जारी की है और चक्रवात के संभावित प्रभाव की तैयारी के लिए आपदा प्रतिक्रिया टीमों को तैनात किया है.

आंध्र प्रदेश में भी अलर्ट।

चक्रवात मोका की चेतावनी के बीच आंध्र प्रदेश में और बारिश होने की संभावना है. आईएमडी ने कहा कि अगले दो-तीन दिनों के लिए “एनसीएपी और यमन, एससीएपी और रायलसीमा” पर अलग-अलग स्थानों पर बिजली गिरने के साथ गरज के साथ बारिश होने की उम्मीद है. चक्रवात मोका वर्ष 2023 का पहला चक्रवात होगा. अगले पांच दिनों के दौरान भारत के किसी भी हिस्से में लू की कोई स्थिति नहीं होने की संभावना है. 

पश्चिम बंगाल में भी असर।

चक्रवात बनने के मद्देनजर बंगाल के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की उम्मीद है. कोलकाता के मौसम विभाग ने भी मछुआरों के लिए एक एडवाइजरी जारी करते हुए कहा, दक्षिणपूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर 07 मई 2023 के आसपास कम दबाव के क्षेत्र के बनने की प्रत्याशा में, मछुआरों को 08-11 मई 2023 के दौरान समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है. जो गहरे समुद्र में हैं उन्हें 07 मई 2023 (दोपहर) तक तट पर लौटने की भी सलाह दी गई है.”

मछुआरों को बंगाल की खाड़ी और समुद्र में न जाने की सलाह।

आईएमडी ने मछुआरों को बंगाल की खाड़ी और समुद्र में न जाने की सलाह दी है और तटीय राज्यों को सतर्क रहने को कहा है. जो पहले से बाहर हैं उन्हें 7 मई तक लौटने के लिए कहा गया है. कुल मिलाकर, भारत का पूरा पूर्वी तट मोका के प्रभाव के लिए खुद को तैयार कर रहा है. आईएमडी ने चेतावनी दी है कि बंगाल की दक्षिण-पूर्व खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में हवा की गति 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो 7 मई को 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ सकती है. बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में हवा की गति 50-60 किमी प्रति घंटे से 70 किमी प्रति घंटे तक बढ़ सकती है. इन इलाकों में समुद्र की स्थिति खराब रहने की संभावना है.

मध्य और पूर्वोत्तर भारत में मौसम का हाल।

मध्य भारत में अगले चार दिनों के दौरान गरज, बिजली की चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की से छिटपुट बारिश की संभावना है. दक्षिण भारत में, अगले चार दिनों के दौरान बड़े पैमाने पर बारिश, गरज, बिजली चमकने और तेज़ हवाएँ चलने का अनुमान है. पूर्वोत्तर में, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के साथ अगले दो दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश, गरज के साथ छींटे, बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की संभावना है. वही पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश में चक्रवात को लेकर विशेष सावधानी बरतने को काही गई है.

Home
Google_News_icon
Google News
Loan
Facebook
Join