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Religion/Astrology

मां कामाख्या देवी मंदिर में लगे ‘अंबुबाची’ मेले में दूर-दूर से भारी मात्रा में आ रहे श्रद्धालु, जानिए क्या है इस मेले की खासियत

June 24, 2024 • Lavi Rana• 1 min read
kamakhya

अंबुबाची मेला हर साल कामाख्या मंदिर में लगने वाला एक हिंदू मेला है. इस मेले का आयोजन कामाख्या मंदिर प्रबंधन समिति और असम सरकार मिलकर करती हैं. इस वर्ष हो रहे अंबुबाची मेले में सुरक्षा के मजबूत इंतजाम किए गए हैं. इस साल अंबुबाची मेले का आयोजन गुवाहाटी में किया गया है. कामाख्या मंदिर देवी के 51 शक्ति पीठ में से एक है. यहां पर मां दुर्गा के रूप में कामाख्या देवी को पूजा जाता है कहा जाता है कि यहां पर माता सती की योनि गिरी थी. यहां पर भक्त देवी सती के गर्व की पूजा करने के लिए आते हैं जो की कामाख्या देवी के नाम से पूजी जाती है.

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कहां और कब तक चलेगा यह मेला?

मां कामाख्या धाम में अंबुबाची मेले का आयोजन किया गया है . इस बार अंबुबाची मेला 22 जून से 26 जून तक चलेगा. इस वक्त कामाख्या देवी मंदिर के कपाट तीन दिन और तीन रात के लिए बंद रहेंगे. यह एक हिंदू वार्षिक मेला है. अंबुबाची मेले पर राज्य सरकार के साथ-साथ बहुत से अन्य विभाग ने इस पर काम किया है जैसे की सुरक्षा, भोजन, परिवहन आदि जैसी चीजों में अपना सहयोग दिया है. 26 जून की सुबह को कामाख्या देवी मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे और पूजा की जाएगी. पिछले साल करीब 25 लाख भक्तों ने अंबुबाची मेले में दौरा किया था और इस बार भी श्रद्धालु भारी मात्रा में नजर आ रहे हैं.

अंबुबाची मेले का अर्थ क्या है ?

अंबुबाची का अर्थ पानी से बात करना होता है. इस समय रोग होने वाली पूजा पाठ को बंद कर दिया जाता है. इस समय कृषि से जुड़े हर प्रकार के काम जैसे की खुदाई, जुदाई, बुवाई और फसलों की रोपाई जैसी चीजें करना मना है. जितनी भी ब्रह्मचारी ब्राह्मण और विधवाएं हैं वह इन दोनों पका हुआ भोजन नहीं खा सकते. अंबुबाची मेले की अवधि तीन दिन की होती है. तीन दिन समाप्त होने के बाद चौथे दिन जब मंदिर के कपाट खुलते हैं तब घर का सारा सामान, चीज, वस्त्र -कपड़े आदि सब दोबारा पवित्र जल से साफ किए जाते हैं. उसके बाद मंदिर में पूजा पाठ होता है और तब मंदिर में जाना शुभ माना जाता है.

कामाख्या मंदिर को तंत्र-मंत्र का केंद्र माना जाता है इसी वजह से अंबुबाची मेले में पूरे भारत से ज्यादा से ज्यादा तादाद में तांत्रिक देखने को मिलते हैं. अबुबाची मेले में दूर-दूर से आए अघोरी, तांत्रिक, साधु, सन्यासी, साध्वी आदि अध्यात्म से जुड़ी गतिविधियों का अभ्यास करते हैं. ऐसा माना जाता है कि अंबुबाची का मेला सिद्धि प्राप्त करने के लिए तांत्रिकों का अनमोल समय है.

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