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नीट पेपर लीक का सॉल्वर गैंगमास्टरमाइंड रवि अत्रि गिरफ्तार

June 22, 2024 Lavi Rana 1 min read
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गैंगमास्टरमाइंड रवि अत्रि

Neet यूजी 2024 परीक्षा पेपर लीक के कथित मास्टरमाइंड रवि अत्री को उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स एसटीएफ ने परीक्षा की जांच की मांग कर रहे छात्रों के देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के बीच गिरफ्तार कर लिया है.
ग्रेटर नोएडा के नीमका गांव के अत्री को एक ऐसी योजना में फसाया गया जिसे चिकित्सा शिक्षा के लिए भारत की सबसे प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में से एक की अखंडता पर सवाल उठाए हैं.
यह विवाद तब शुरू हुआ जब 67 छात्रों ने नीट यूजी परीक्षा में 720 का परफेक्ट स्कोर हासिल किया एनटीए यानी कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने इसके लिए दोषपूर्ण प्रश्न और कुछ केंद्रों पर पेपर वितरण में तार्किक देरी के कारण ग्रेस अंक दिए जाने को जिम्मेदार ठहराया है.
हालांकि बिहार पुलिस की जांच से पता चला की परीक्षा का पेपर कुछ चुनिंदा उम्मीदवारों को लीक कर दिया गया था.

लगभग 24 लाख इच्छुक मेडिकल छात्रों द्वारा ली गई नीट यूजी परीक्षा 5 मई को आयोजित की गई थी और परिणाम 4 जून को शीघ्र जारी किए गए थे.
नतीजे को प्रबंध करने के एनटीए के प्रयासों के बावजूद व्यापक लिक के आरोप जारी रहे जिससे विरोध प्रदर्शन हुआ और देश भर में कानूनी कार्यवाही हुई, सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले को संभालने के लिए एनटीए को फटकार लगाते हुए हस्तक्षेप किया.
इस घोटाले के केंद्र में रवि अत्री हैं जो विभिन्न राज्यों में पिछली परीक्षाओं के पेपर लीक में कथित संलिप्तता के लिए जाना जाता है , उसकी कार्य प्रणाली में कथित तौर पर सॉल्वर गैंग नमक नेटवर्क के माध्यम से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हल किए गए प्रश्न पत्र अपलोड करना शामिल था स्त्री की बदनामी 2012 में मेडिकल प्रवेश परीक्षा के पेपर लीक करने में उनकी कथित भूमिका के लिए दिल्ली पुलिस अपराध शाखा द्वारा उनके खिलाफ शक की निगाह फैली हुई है. बिहार पुलिस जिसने शुरू में एक छात्र और सहयोगियों सहित लिखे से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया था ने राज्य की सीमाओं से परे अपनी जांच का विस्तार किया. पूछताछ के दौरान अत्री से संबंध सामने आए इसके बाद अंतत यूपी एसटीएफ ने उसे पकड़ लिया. 2007 में अत्री के परिवार ने उन्हें मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए कोटा भेजा, उन्होंने 2012 में परीक्षा पास कर ली और पीजीआई रोहतक में दाखिला ले लिया. लेकिन 14 साल परीक्षा में शामिल नहीं हुए. अधिकारियों ने कहा कि जब तक वह परीक्षा माफिया के संपर्क में आ चुका था और अन्य उम्मीदवारों के लिए प्रोक्सी के रूप में बैठा था. उन्होंने लीक हुए पेरो को छात्रों के बीच प्रसारित करने में भी अहम भूमिका निभानी शुरू कर दी.

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