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Politics

केजरीवाल की चुनौती। बोले  “अदालत में पांच मिनट भी नहीं टिकेगा यह अध्यादेश”

May 21, 2023 Rupali Parihar 1 min read
kejriwal kendra

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रेस वार्ता कर कहा कि NCCSA अध्यादेश लाकर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को चुनौती दी है। उन्होंने बताया कि यह मामला कोर्ट में पांच मिनट भी नहीं टिकेगा। आम आदमी पार्टी की सरकार इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी। केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार सोची-समझी साजिश और टाइमिंग के तहत इस अध्यादेश को लेकर आई है. क्योंकि उन्हें पता है इस अध्यादेश के खिलाफ दिल्ली सरकार सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी।

अध्यादेश लाकर कोर्ट के जजमेंट को पलट दिया।

अरविंद केजरीवाल ने कहा, ”कल केंद्र ने जैसे ही सुप्रीम कोर्ट की छुट्टी हुई, उसके कुछ घंटों के बाद अध्यादेश लाकर कोर्ट के जजमेंट को पलट दिया. कोर्ट का आदेश था कि अधिकारियों पर कंट्रोल चुनी हुई सरकार का होगा. कोर्ट ने यहां तक कहा था कि अगर अधिकारी को पता हो कि सरकार उसका कुछ नहीं कर सकती तो वो बात क्यों मानेगा?”

उन्होंने कहा, ”जिस दिन आदेश आया था, उसके अगले दिन ही उन्होंने सोच लिया था कि आदेश को पलटना है. पहले दिन ही सर्विस सेक्रेटरी गायब हो गया, तीन दिन बाद वो आया तो सीएस गायब हो गए. सिविल सर्विस बोर्ड की बैठक हुई फिर एलजी फाइल लेकर बैठ गए. इन सबने आठ दिन लगाए क्योंकि कोर्ट बंद करने का इंतजार कर रहे थे.”

यह अध्यादेश अवैध है और 5 मिनट भी नहीं टिकेगा।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार जानती है कि यह अध्यादेश अवैध है और सुप्रीम कोर्ट में 5 मिनट भी नहीं टिक पाएगा.  यही वजह है कि गर्मियों के अवकाश के लिए सुप्रीम कोर्ट के बंद होने के कुछ घंटे बाद ही केंद्र सरकार ने इस मामले में अध्यादेश जारी कर दिया. उन्होंने कहा कि यह शीर्ष अदालत की सीधी अवमानना है।

सुप्रीम कोर्ट में देंगे चुनौती।

अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र ने सेवाओं के मामले पर नियंत्रण को लेकर उच्चतम न्यायालय के साथ सीधे टकराव की स्थिति पैदा कर दी है, क्योंकि यह अध्यादेश दिल्ली में निर्वाचित सरकार को सेवाओं के मामले में नियंत्रण देने वाले उसके फैसले को पलटता है. उन्होंने कहा, ‘सेवाओं के मामले में केंद्र का अध्यादेश असंवैधानिक और लोकतंत्र के खिलाफ है. हम इसके खिलाफ उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।

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