हिंदू धर्म में क्या मंदिर का वही स्थान है जो मुसलमानों के लिए मस्जिद का है? कुछ लोग मंदिरों को धार्मिक बाध्यता नहीं मानते तो दूसरे मानते हैं कि मंदिरों की हिंदू धर्म में अपनी उपयोगिता है.
पूरे विश्व में भारत एक ऐसा देश है जहां पर सभी धर्म के लोग एक साथ मिलकर रहते हैं सभी लोग अपने अपने धर्मों के त्यौहार को बड़े उत्साह पूर्वक मनाते हैं लेकिन कई बार भारत के बाहर यह देखा गया है कि हिंदू विरोधी लोग हिंदू के मंदिरों को तोड़ते हैं उनका अपमान करते हैं और अभी फिर एक ऐसा मामला दुनिया के सबसे बड़े देश कनाडा से आया है
दुनिया के दूसरे सबसे बड़े देश कनाडा (Canada) में भारत विरोधी गतिविधियां थम नहीं रहीं. यहां फिर एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाया गया है. पूरे बदन पर काले कपड़े और मास्क पहने अज्ञात लोगों ने ओंटारियो स्थित मंदिर की दीवारों पर आपत्तिजनक भित्तिचित्र छाप दिए. यह वारदात वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई.
इस मामले में कनाडा की विंडसर पुलिस ने मामला दर्ज कर संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी है. पुलिस की ओर से सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो भी जारी किया है. वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह संदिग्धों ने भारत विरोधी गतिविधि को अंजाम दिया. उन संदिग्धों में से एक तो निगरानी कर रहा था, जबकि दूसरे ने हिंदू मंदिर की दीवारों पर स्प्रे पेंटिंग की. जिसमें उसने भारत विरोधी भित्तिचित्रों को उकेरा.
कनाडा में हिंदू मंदिर से छेड़छाड़ की यह 4 महीनों में दूसरी वारदात है, इससे पहले ब्रैम्पटन में भी एक मंदिर को नुकसान पहुंचाया गया था. वो घटना 31 जनवरी को हुई थी.
कई बार हिंदू मंदिरों को बनाया जा चुका है निशाना
कनाडा के हिंदू मंदिरों में पहले भी कई दफा ऐसी घटना हो चुकी है, लेकिन अभी तक वहां की सरकार द्वारा कोई कड़ा कदम नहीं उठाया गया है। विंडसर में हुई यह पांचवीं घटना है, जहां मंदिर में तोड़फोड़ की गई है। बता दें कि इससे पहले 14 फरवरी को मिसिसागा के राम मंदिर में तोड़फोड़ के साथ हिंदू और भारत विरोधी नारे लिखे गए थे। वहीं, कनाडा के ही ब्रैम्पटन के गौरी शंकर मंदिर तो रिचमंड के विष्णु मंदिर में भी कई मूर्तियों को तोड़ा गया था। खालिस्तानी समर्थकों ने कई बार महात्मा गांधी की मूर्ति को भी निशाना बनाया है और भारत विरोधी नारे लिखे हैं।
कभी मंदिर कभी गांधी प्रतिमा को बनाया निशाना
कनाडा में कभी मंदिरों तो कभी महात्मा गांधी की प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचा गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऐसी घटनाओं के पीछे वहां पनप रहे खालिस्तानी उग्रवादी हैं, जिन्होंने ओंटारियो में ही एक गांधी प्रतिमा को तोड़ दिया था. मार्च के आखिरी हफ्ते में कनाडा के बर्नबाई में एक यूनिवर्सिटी के अंदर स्थित गांधीजी की प्रतिमा को भी तोड़ दिया गया. जिसके बाद भारत की ओर से सख्त एतराज जताया गया. कुछ दिनों पहले खालिस्तान-समर्थकों ने भारत विरोधी नारे लगाते हुए वाणिज्य दूतावास को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की थी.
पुलिस ने क्या कहा?
विंडसर पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नकाबपोश बदमाशों ने BAPS श्री स्वामीनारायण मंदिर के बाहर दीवार पर हिंदू-विरोधी और भारत-विरोधी नारे काले रंग के पेंट से लिखे हैं। पुलिस ने आगे कहा कि हिंदू मंदिर में हुई तोड़फोड़ की जांच घृणा से प्रेरित घटना के रूप में की जा रही है।