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मोगा पुलिस ने अमृतपाल सिंह को किया गिरफ्तार

April 23, 2023 Megha Jain 1 min read
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भगोड़ा खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह को पंजाब की मोगा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. अमृतपाल सिंह अजनाला कांड के बाद से ही फरार चल रहा था. पिछले करीब एक महीने के दौरान पंजाब पुलिस ने अमृतपाल सिंह को पकड़ने के लिए कई जगहों पर छापेमारी भी की गई थी लेकिन वो हाथ नहीं आ सका था.

 खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह ने रविवार (23 अप्रैल, 2023) की सुबह पंजाब के मोगा में सरेंडर कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को उसका पीछा करते हुए एक महीने से अधिक वक्त हो गया था। इस दौरान पुलिस ने उसके कई साथियों-समर्थकों को गिरफ्तार किया है।

अमृतपाल आत्मघाती हमलोंं को अंजाम देने की बना रहा था प्लानिंग।

गृह मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि अमृतपाल सिंह आत्मघाती हमलों को अंजाम देने के लिए युवाओं को गुमराह करने के लिए एक राज्यव्यापी जुलूस निकालने की योजना बना रहा था। कट्टरपंथी उपदेशक पाकिस्तान से अवैध रूप से मंगाए गए हथियारों को जमा करने के लिए नशामुक्ति केंद्रों का इस्तेमाल कर रहा था।

अपने समर्थकों के बीच “भिंडरावाले 2.0” के रूप में जाने जाते।

सूत्रों के मुताबिक, पंजाब पुलिस के सामने सरेंडर करने से पहले अमृतपाल ने ड्रामा भी किया। उसने आत्मसमर्पण करने से पहले मोगा जिले के रोडे गांव में एक गुरुद्वारे में एक सभा को संबोधित किया। इसके बाद उसने सरेंडर किया। अधिकारियों ने बताया कि उसे गुरुद्वारे से गिरफ्तार किया गया।मोगा खालिस्तानी अलगाववादी और आतंकवादी जरनैल सिंह भिंडरावाले का पैतृक गांव है। अपने समर्थकों के बीच “भिंडरावाले 2.0” के रूप में जाने जाने वाले अमृतपाल को असम की डिब्रूगढ़ जेल ले जाया जा रहा है, जहां उसके नौ सहयोगी वर्तमान में बंद हैं।

फर्जी खबर को साझा न करने की अपील।

अमृतपाल को असम की डिब्रूगढ़ जेल ले जाया जा रहा है, जहां उनके आठ सहयोगी पहले से ही राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत बंद हैं। अमृतपाल 18 मार्च से फरार चल रहा था, जब पंजाब पुलिस ने उसके ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के सदस्यों पर एक बड़ी कार्रवाई शुरू की थी। पंजाब पुलिस ने लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने और अमृतपाल की गिरफ्तारी के बाद किसी भी फर्जी खबर को साझा करने से बचने की अपील की है।

अमृतपाल सिंह के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई कट्टरपंथी उपदेशक और उनके समर्थकों द्वारा उनके एक सहयोगी की रिहाई के लिए तलवारें और बंदूकें लेकर एक पुलिस थाने में घुसने के बाद शुरू की गई थी। झड़प में छह पुलिसकर्मी घायल हो गए।
अमृतपाल का ISI कनेक्शन ।

अमृतपाल को पुलिस ने पकड़ने के लिए 18 मार्च को छापेमारी शुरू की थी। उसे पकड़ने के लिए सात जिलों की पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी। इस दौरान अमृतपाल लगातार भागता रहा। इसे देखते हुए पंजाब पुलिस ने उसे भोगड़ा घोषित कर दिया था और उसके खिलाफ ‘राष्ट्रीय सुरक्षा कानून’ के तहत मामला दर्ज किया था। पहले 24 से 48 घंटों के बीच 78 लोगों को गिरफ्तार किया गया। अभी तक 400 से अधिक हिरासत में और 350 से अधिक को छोड़ा जा चुका है। अमृतपाल के खिलाफ जांच के दौरान एजेंसियों को ISI कनेक्शन भी मिला था। आधिकारिक सूत्रों ने बताया था कि अमृतपाल के आईएसआई से करीबी संबंध हैं

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