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मुख्तार को मौत का डर हाईकोर्ट से की सुरक्षा की मांग

May 4, 2023 Megha Jain 1 min read
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अतीक अहमद की मौत कैसे हुई यह किसी से छिपा नहीं हैं।केसे बंदूक की गोली अतीक अहमद के सीने को चीर कर निकल गई।और माफिया की कहानी खत्म हो गई तो अब गुंडे माफिया अदालत तक जाने में डर रहे हैं हाल ही में
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माफिया मुख्तार अंसारी को जेल से पेशी पर अदालत ले जाने और लेकर आने के दौरान पर्याप्त सुरक्षा देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने हाल ही में हुई घटनाओं को देखते हुए मुख्तार अंसारी को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने की बात कही है। निर्देश हैं कि मुख्तार अंसारी के पेशी पर आने-जाने के दौरान अनजान लोगों व मीडिया को काफिले के नजदीक जाने से रोका जाए।

बता दें कि ये आदेश न्यायमूर्ति डॉ केजे ठाकर एवं न्यायमूर्ति शंकर प्रसाद की खंडपीठ ने अफशा अंसारी की याचिका पर उसके अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय को सुनकर दिया है। कोर्ट ने डीजी जेल को मुख्तार की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि मुख्तार के काफिले को कहीं पर भी रास्ते में रोका न जाए।

हाईकोर्ट में याचिका दायर कर की गई सुरक्षा की मांग।

इस पर वर्ष 2022 में अफशा अंसारी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर मुख्तार को सुरक्षा मुहैया कराए जाने की मांग की थी। गौरतलब है कि हाल ही में पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान माफिया अतीक अहमद और अशरफ की हत्या हो जाने के बाद प्रदेश के माफियाओं को अपनी हत्या हो जाने का और भी ज्यादा डर सताने लगा है। इसी के मद्देनजर मुख्तार ने अपनी सुरक्षा कड़ी किए जाने की गुहार लगाई है। कोर्ट ने याचिका आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश दिया है।

मुख्तार को सता रहा मौत का डर।

मुख्तार अंसारी ने अपनी जान को खतरा बताते हुए बीवी अफशा अंसारी के माध्यम से वर्ष 2022 में याचिका दाखिल की थी। याचिका पर मुख्तार की ओर से अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने पक्ष रखा।

याचिका में कहा गया कि याची को आशंका है कि जेल से बाहर पेशी पर ले जाने-ले आने के दौरान उसकी हत्या की जा सकती है। इसे लेकर के सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल की गई थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह मामला हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।

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