Breaking
Latest: Adani Power’s Bold Move into Nuclear EnergyAutomotive Sales Cool Off in April 2026, Marking a Return to NormalIndia’s Economy in April 2026: Holding Steady in Uncertain TimesLatest: Adani Power’s Bold Move into Nuclear EnergyAutomotive Sales Cool Off in April 2026, Marking a Return to NormalIndia’s Economy in April 2026: Holding Steady in Uncertain Times
Mon, Oct 05, 2026 | New Delhi —
Religion/Astrology

बैंड की गूँज के साथ खुले बदरीनाथ धाम के कपाट।

April 27, 2023 • Rupali Parihar• 1 min read
badrinath

बदरीनाथ धाम के कपाट गुरूवार को सुबह सात बजकर 10 मिनट पर आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। बद्रीनाथ धाम को 15 क्विंटल गेंदे के फूलों से सजाया गया है। सुबह से ही बद्रीनाथ धाम के बाहर बर्फबारी हो रही है। इसके बाद भी सैकड़ों श्रद्धालु धाम के बाहर जुटे रहे। हेलीकाप्टर से धाम में पुष्प वर्षा भी हुई।

तड़के कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू हुई । पहले दक्षिण द्वार से भगवान कुबेर ने बामणी गांव के हक-हकूकधारियों के साथ बदरीनाथ मंदिर में प्रवेश किया। उसके बाद वीआइपी गेट से बदरीनाथ के मुख्य पुजारी रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल और वेदपाठियों ने उद्धव जी की उत्सव मूर्ति के साथ मंदिर के अंदर प्रवेश किया।

जयकारों के बीच खुले कपाट।

उद्धव और कुबेर की मूर्ति को गर्भगृह में स्थापित करने से पहले रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी ने स्त्री वेश धारण कर  मां लक्ष्मी को गर्भगृह से बाहर लाकर लक्ष्मी मंदिर में विराजित किया गया। मुख्य पुजारी रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी के निर्देशन में द्वार पूजन का कार्यक्रम हुआ। पूजा अर्चना के बाद गाड़ू घड़े को मंदिर के अंदर ले जाया गया। ठीक सुबह सात बजकर 10 मिनट पर  जयकारों के बीच बद्री विशाल के कपाट खोले गए।

केदारनाथ के कपाट 25 अप्रैल को खुले।

इसके पहले 25 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट सुबह 6.20 बजे खोले गए। मंदिर के मुख्य पुजारी जगद्गुरु रावल भीम शंकर लिंग शिवाचार्य ने मंदिर के कपाट खोले। मंदिर को 20 क्विंटल फूलों से सजाया गया था। खराब मौसम के कारण मंदिर जाने वाले हजारों तीर्थयात्रियों को आगे बढ़ने से रोक दिया गया था।

केदारनाथ धाम में पीएम मोदी के नाम रूद्राभिषेक।

इससे पहले केदारनाथ धाम के कपाट छह माह बंद रहने के बाद मंगलवार को विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गये थे. वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी मंदिर में पूजा अर्चना की और पहला रूद्राभिषेक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से किया गया. श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि पिछले साल की तरह ही पहला रूद्राभिषेक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से किया गया।

Home
Google_News_icon
Google News
Loan
Facebook
Join