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दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट को दिया कठिन समय में लोकतंत्र बचाने के लिए धन्यवाद

February 20, 2024 Simran Khan 1 min read
kejriwal

नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने चंडीगढ़ मेयर चुनाव पर आदेश के बाद “लोकतंत्र को बचाने” के लिए सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद दिया. सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा अमान्य किए गए आठ मतपत्र वैध थे. अदालत ने अपने आदेश में कहा कि ये आठ वोट आप के मेयर पद के उम्मीदवार कुलदीप कुमार के पक्ष में पड़े थे.

अदालत के फैसले के कुछ क्षण बाद, अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर पोस्ट किया, इस कठिन समय में लोकतंत्र को बचाने के लिए एससी (सुप्रीम कोर्ट) को धन्यवाद. अरविंद केजरीवाल ने भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया और सुप्रीम कोर्ट के आदेश को “ऐतिहासिक” बताया. उन्होंने कहा, यह फैसला ऐतिहासिक है क्योंकि संस्थानों पर हमले हो रहे हैं.

क्या बोले केजरीवाल

केजरीवाल ने यह भी कहा कि फैसला इंडिया ब्लॉक के लिए एक बड़ी जीत है, उन्होंने कहा कि बीजेपी को एकता और रणनीति के जरिए हराया जा सकता है.आम आदमी पार्टी ने चंडीगढ़ मेयर चुनाव परिणाम को पलटने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का जश्न मनाया. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आम आदमी पार्टी के मेयर पद के उम्मीदवार कुलदीप कुमार को चुनाव में विजेता घोषित कर दिया गया. फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए आप ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट में बीजेपी बेनकाब हो गई है.

दिल्ली के मंत्री और आप नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा, अगर केंद्र सरकार और बीजेपी इतने छोटे चुनाव में डकैती का सहारा ले सकती है.यह बड़ी चिंता का विषय है.

30 जनवरी को चंडीगढ़ मेयर चुनाव में भाजपा की जीत, तीनों पद बरकरार रखने और कांग्रेस-आप गठबंधन को हराने के बाद आप ने दोबारा चुनाव कराने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. AAP ने रिटर्निंग ऑफिसर अनिल मसीह पर चुनाव प्रक्रिया में धोखाधड़ी और जालसाजी का आरोप लगाया था.

एक वीडियो भी वायरल हुआ जिसमें अनिल मसीह सीसीटीवी पर नज़र डालते हुए मतपत्रों पर निशान लगाते दिख रहे हैं. याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अनिल मसीह को पीठ के सामने शारीरिक रूप से पेश होने के लिए बुलाया. पीठ ने उनसे वायरल वीडियो के बारे में सवाल किया.

इस पर मसीह ने जवाब दिया कि सभी मतपत्र विकृत हो गए थे और वह सिर्फ उन पर निशान लगा रहे थे. उन्होंने कहा, वहां इतने सारे कैमरे थे कि मैं बस उन्हें ही देख रहा था.इसके बाद पीठ ने उनसे पूछा कि उन्होंने मतपत्रों पर निशान क्यों लगाए, अनिल मसीह ने कहा कि उन्होंने ऐसा इसलिए किया ताकि मतपत्र आपस में मिल न जाएं. पीठ ने टिप्पणी की, इसका मतलब है कि आपने इसे चिह्नित कर लिया है. उस पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए. चुनावी लोकतंत्र में इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती.

सुप्रीम कोर्ट ने रिटर्निंग ऑफिसर को फटकार लगाई और मंगलवार को चंडीगढ़ मेयर चुनाव में मतपत्र और वोटों की गिनती का वीडियो पेश करने का आदेश दिया. मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने कहा, हम इन आठ वोटों को वैध मानते हुए वोटों की दोबारा गिनती का निर्देश देने के इच्छुक हैं.

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