आप कल के डिजिटल यूग में हर कोई अपने फोन में ही लगा रहता है. फोन के बिना जिंदगी मानो असंभव सी लगती है. ऐसे में कुछ लोग होते हे जल्द ही अपने फोन से छुटकारा पा लेते हे और कुछ लोग लाख जतन के बाद भी फोन की बिमारी से छुटकारा नही पा पाते है. कई लोग फोन की इस आदत को छुड़ाने के लिए डिजिटल डिटॉक्स करते है. डिजिटल डिटॉक्स का मतलब होता है की आप कुछ समय के लिए टेक्नोलॉजी से बिलकुल दूर हो जाए. इसमें आपको डिजिटल स्क्रीन से बिलकुल दूर होना होता है. इसमे सभी तरिके के डिजिटल प्लेटफॉर्म शामिल है. चाहे वो सोशल मिडिया हो या फिर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग.
इस डिजिटल डिटॉक्स में लोग अपने फोन की दुनिया से निकलकर असल की जो दुकनया है उससे जुडते है. जिससे उनकी चिंता और तनाव को घटाया जा सके.टेक्नोलॉजी से दूर रहने के वैज्ञानिक फायदों कर तो अभी तक कुछ पता नही चल पाया है लेकिन इससे आपको चिंता ओर तनाव से मुक्ति जरूर मिलती है.
आज के समय में डिजिटल डिटॉक्स एक बहुत बड़ी चुनौती बना जा रहा है. 2012 से इस चुनौती से लड़ना लगभग असंभव हो गया है. आज हम आपको यहां बताएगें कुछ ऐसे तरीकें जिनसे आप अपनी इस आदत को काबू में कर सकते है..
एक रिपोर्ट से ये सामने आया है की हमसार लाइफ में टेक्नोलॉजी पूरी तरफ से जम चुकी है हम कोई भी काम बिना फोन के नही करते है ऐसे में आप अपने स्क्रीन टाइम पर ध्यान देकर इसे नियम अनुसार इस्तेमाल करे..
अगा आप ऐसा सोचते हे की आप कुछ दिन फोन से दूर रह सकते है तो आप गलत है इस तरीके को ना अपनाए. क्यांेकि ये एक चुनौती पूर्ण काम है जिसके लिए आप संयम नही रख पाएंगें.
अगर आप बेमकसद स्क्रॉलिंग करते है तो इसे थोड़ा काबू करने की कोशिश करें ऐसे भी आप अपनी इस फोन की आदत में सुधार ला सकते है.
इंस्टाग्राम के लिए एक नियमित टाइम को सैट करें जिससे की आप इसे बार बार क्लिक करके ना खोलें. एक रिसर्च के दौरान ये पाया गया है की लोग 70 से 80 बार अपने इंस्टाग्राम को ओपन करते है.
अधिकतर लोगों का मानना है की डिजिटल डिटॉक्स पूरी तरह से फोन और टेक्नोलॉजी से दूर होना होता है लेकिन ऐसा नही है क्योंकि हमारे बहुत से काम हमारे फोन से जुडे हुए होते है जिसके कारण आपको किसी ना किसी कारण के अपना फोन देखना ही होता है. डिजिटल डिटॉक्स का मतलब होता है अपने कंटेट को मैनेज करना. जिससे आप अपने फोन का उतना ही इस्तेमाल करे जितनी जरूरत है.