चारधाम यात्रा के लिए स्थानीय लोगों के पंजीकरण की अनिवार्यता को खत्म किया।।।

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चार धाम यात्रा पर जाने वाले तीर्थ यात्रियों के लिए अच्छी ख़बर है। उतराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार ने यात्रा पर जाने से पहले श्रद्धालुओं के पंजीरकण की व्यवस्था को खत्म करने का फैसला लिया है। ऐसे में अब तीर्थ यात्री केदारनाथ-बदरीनाथ सहित चारों धामों में पंजीकरण के बिना ही दर्शन कर सकेंगे

उत्तराखंड (Uttarakhand) में अगले 22 अप्रैल से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा में पिछली बार से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने बुधवार को अधिकारियों को सभी व्यवस्थायें 15 अप्रैल से पहले पूरा करने के लिये कहा है. मुख्यमंत्री ने देहरादून में कहा कि आगामी चारधाम यात्रा में पिछले साल की अपेक्षा और अधिक श्रद्धालु प्रदेश में आयेंगे, जिसके मद्देनजर सभी व्यवस्थाओं को समय से पूरा किया जाना जरूरी है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी चारधाम यात्रा के लिए स्थानीय लोगों के पंजीकरण की अनिवार्यता को खत्म किया जाए. देवभूमि उत्तराखंड आने वाले सभी श्रद्धालुओं को उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में दर्शन करवाये जायेंगे. जिन श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा के लिए होटलों एवं होमस्टे में बुकिंग करा ली है, उनकी दर्शन के लिए भी व्यवस्था की जाए. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा के दौरान ये निर्देश अधिकारियों को दिये

इस संबंध में, उन्होंने यात्रा व्यवस्थाओ को 15 अप्रैल तक पूरा करने का निर्देश देते हुए कहा कि यात्रा मार्ग की सड़कों के सुधार के साथ यात्रियों की सुविधाओं से संबंधित व्यवस्थाओं पर प्रभावी कार्ययोजना के साथ कार्य किया जाए. इसके लिए, मुख्यमंत्री ने पर्यटन और पुलिस के अधिकारियों को चारधाम यात्रा मार्ग से जुडे़ व्यवसायियों के साथ बैठक आयोजित कर आवश्यक तैयारियों को अंतिम रूप देने को कहा है. कोविड-19 के कारण दो साल के अंतराल के बाद पिछले साल पूरी तरह से शुरू हुई चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड 47 लाख से ज्यादा श्रद्धालु आए थे और इस बार ये रिकॉर्ड टूटने की पूरी संभावना है.

27 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे
धामों के तीर्थ-पुरोहित पिछले काफी समय से चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं खासतौर से स्थानीय तीर्थयात्रियों के पंजीकरण को समाप्त करने की मांग कर रहे थे. 22 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पर्व पर गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के कपाट खुलने के साथ ही इस वर्ष की चारधाम यात्रा शुरू हो जाएगी. इसके बाद 25 अप्रैल को केदारनाथ और 27 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी चारधाम यात्रा के लिए पुलिस द्वारा भीड़ प्रबंधन के लिए समुचित व्यवस्था की जाए. श्रद्धालुओं से जो भी आवश्यक जानकारी लेनी है, केवल एक बार राज्य के एन्ट्री प्वाइंट पर ली जाय. यह सुनिश्चित किया जाए कि देवभूमि उत्तराखंड आने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो. चारधाम यात्रा के लिए जिन-जिन विभागों से कर्मियों की ड्यूटी लगती है, उन विभागों से जो कार्मिक स्वेच्छा से चारधाम ड्यूटी पर जाना चाहते हैं, उन्हें पहले प्राथमिकता दी जाए.

सीमा पर प्रवेश के दौरान ही होगी मुख्य चेकिंग
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा के लिए पुलिस की ओर से भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था की जाए. श्रद्धालुओं से जो भी आवश्यक जानकारी लेनी है, केवल एक बार राज्य की सीमा पर प्रवेश के दौरान कर लिया जाए. यह सुनिश्चित किया जाए कि देवभूमि आने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो. चारधाम यात्रा के लिए जिन-जिन विभागों से कार्मिकों की ड्यूटी लगती है, उन विभागों से जो कार्मिक स्वेच्छा से चारधाम ड्यूटी पर जाना चाहते हैं, उन्हें पहले प्राथमिकता दी जाए. चारधाम यात्रा पर जो भी स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं, उन्हें व्यवस्थित तरीके से लगाया जाए. चारधाम यात्रा के लिए यात्रा मित्र के तौर पर कुछ स्थानीय लोगों को रखा जाए. यात्रा मार्गों पर पार्किंग स्थलों में वाहन चालकों के रहने एवं सोने की व्यवस्था की जाए. चारधाम यात्रा पर आने वाले वाहनों की फिटनेस का विशेष ध्यान रखा जाए, इसके लिए अन्य राज्यों से भी समन्वय किया जाए.

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