GST करदाताओं के लिए राहत: पुराने बकाया क्लियर करने पर अब जीरो पेनल्टी का विकल्प उपलब्ध है।
सरकार ने GST कानून में बदलाव करते हुए ब्याज और पेनल्टी को माफ करने का प्रावधान किया है, जिससे व्यवसायों पर अनुपालन का बोझ कम होगा।
यह प्रावधान 1 नवंबर से प्रभावी होगा और इसका लाभ उन्हीं करदाताओं को मिलेगा जो धोखाधड़ी से मुक्त मामलों में शामिल हैं।
GST काउंसिल की 53वीं बैठक में इस फैसले को मंजूरी दी गई, जिसका उद्देश्य गलतफहमी या कानून की गलत व्याख्या के कारण उठे विवादों को सुलझाना है।
वित्तीय वर्ष 2017-18, 2018-19, और 2019-20 के दौरान Section 73 के तहत आकलित करदाता इस योजना के तहत लाभ उठा सकते हैं।
इस योजना के तहत, करदाता को 31 मार्च 2025 तक बकाया कर राशि जमा करनी होगी, जिसके बाद ब्याज और पेनल्टी माफ कर दी जाएगी।
धोखाधड़ी, गलत तरीके से स्वीकृत रिफंड, या उन मामलों पर यह माफी लागू नहीं होगी जिनमें करदाता पहले ही पेनल्टी और ब्याज चुका चुके हैं।
छोटे व्यवसायों और नकदी प्रवाह की समस्या से जूझ रहे करदाताओं के लिए यह योजना बड़ी राहत साबित हो सकती है।
जिन मामलों में धोखाधड़ी या तथ्यों को छुपाने का आरोप है, उन्हें इस योजना के तहत राहत नहीं मिलेगी।
GST कानून के तहत यह छूट केवल उन करदाताओं पर लागू होगी जो गैर-धोखाधड़ी के मामलों में फंसे हैं।
करदाता को इस योजना का लाभ लेने के लिए विवादित कर राशि को स्वीकार कर उसका भुगतान करना होगा।
इस योजना के माध्यम से, सरकार लंबे समय से चले आ रहे कर विवादों को समाप्त करने की कोशिश कर र
ही है।
पहले से जुर्माना और ब्याज चुका चुके करदाताओं को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा और उन्हें कोई रिफंड नहीं दिया जाएगा।